नई दिल्ली : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना जारी कर पाकिस्तान से भारत में आयातित या निर्यातित सभी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे पाकिस्तान से सीधे या किसी अन्य व्यापार मार्ग से माल का आयात प्रतिबंधित होगा।
2 मई, 2025 को जारी एक अधिसूचना में, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान से उत्पन्न होने वाले या वहां से निर्यात किए जाने वाले किसी भी सामान का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित होगा।यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है। इस प्रतिबंध से कोई भी अपवाद केवल भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति के बाद ही मान्य होगा।” यह कड़ा फैसला जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले के बाद आया है, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी।

इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई राजनयिक कदम उठाए हैं। इनमें अटारी स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए SAARC वीज़ा छूट योजना (SVES) को निलंबित करना, 40 घंटे में देश छोड़ने का आदेश, और दोनों देशों के उच्चायोगों में अधिकारियों की संख्या में कटौती शामिल हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, अधिसूचना संख्या 06/2025-26 दिनांक 2 मई 2025 के माध्यम से जारी निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। एफटीपी 2023 में एक नया पैराग्राफ, पैरा 2.20ए, जोड़ा गया है: "पाकिस्तान से आने वाले या वहां से निर्यात किए जाने वाले सभी माल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन, चाहे वे स्वतंत्र रूप से आयात योग्य हों या अन्यथा अनुमत हों, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है।"
भारत सरकार ने पाकिस्तान से होने वाले सभी प्रकार के आयात — सीधे या परोक्ष, किसी भी रूप में — पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी गजट अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि अब पाकिस्तान से उत्पन्न या निर्यातित कोई भी वस्तु, चाहे वह पहले आयात के लिए अनुमत रही हो या नहीं, भारत में प्रवेश नहीं कर सकेगी।
अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय विदेश व्यापार (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1992 की धारा 3 और 5 के अंतर्गत, विदेशी व्यापार नीति 2023 के पैरा 1.02 और 2.01 के तहत लिए गए अधिकारों के तहत लिया गया है। नीति में एक नया पैरा 2.20A जोड़ा गया है।

यह प्रतिबंध उन वस्तुओं पर भी लागू होगा जो स्वतंत्र रूप से आयात योग्य हैं या अन्यथा अनुमत हैं, साथ ही तीसरे देशों के माध्यम से होने वाले पारगमन पर भी रोक लगाई गई है। वैसे दोनों देशों के बीच व्यापार बहुत ज्यादा नहीं है। साल 2019 में हुए पुलवामा हमले के बाद इसमें और कमी आई थी। दोनों देशों ने एक-दूसरे के साथ व्यापार को लेकर कई बैन लगाए लेकिन कुछ आवश्यक वस्तुओं का लेन-देन दोनों देशों के बीच होता रहता है। यह ज्यादातर तीसरे देशों जैसे दुबई या सिंगापुर के रास्ते होता है। साल 2023-24 में भारत ने पाकिस्तान से 3 मिलियन डॉलर का आयात किया था। जबकि 1.2 अरब डॉलर का निर्यात किया था।
भारत पाकिस्तान से कई चीजें आयात करता है। इसमें ड्राई फ्रूट्स, तरबूज और अन्य फल, सीमेंट, सेंधा नमक, पत्थर, चूना, मुल्तानी मिट्टी, चश्मों का ऑप्टिकल्स, कॉटन, स्टील, कार्बनिक केमिकल्स, चमड़े का सामान आदि शामिल हैं।
पाकिस्तान से आयात बैन होने के कारण अब वहां से न तो ड्राई फ्रूट्स आएंगे और न सेंधा नमक। भारत में सेंधा नमक का इस्तेमाल व्रत के समय काफी मात्रा में किया जाता है। भारत भी पाकिस्तान को कई चीजें एक्सपोर्ट करता है। इसमें जैविक और अजैविक केमिकल, दवाइयां, कृषि उत्पाद, कपास और सूती धागा, चीनी, मिठाइयां, प्लास्टिक, मशीनरी आदि शामिल हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार पर बैन लगने के कारण अब भारत पाकिस्तान को न तो दवाइयां भेज पाएगा और न ही चीनी।

भारत ने वर्ष 1960 में पाकिस्तान के साथ की गई सिंधु जल संधि को भी रोकने का निर्णय लिया है. इस प्रतिबंध का पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि भारत एक बड़ा बाजार है, और सीमित व्यापार के बावजूद कुछ वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच होता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत की ओर से एक रणनीतिक संदेश है, जो पाकिस्तान को आर्थिक और कूटनीतिक रूप से दबाव में लाने का प्रयास है। हालांकि, भारत के लिए भी यह कदम कुछ चुनौतियां ला सकता है, क्योंकि कुछ कच्चे माल और वस्तुओं की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। फिर भी, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और नीति के हित में यह कदम जरूरी था।
