बिहार में 'औसतन लोग' अपने घरों में भी मैथिली, अंगिका, बज्जिका, भोजपुरी में नहीं बतियाते; प्रधानमंत्री भाषण की शुरुआत इन भाषाओँ से करते हैं और लोग ताली बजाते हैं