एको अहं, द्वितीयो नास्ति : मैं समय हूँ, मैं सत्तारूढ़ हूँ, मैं ही विपक्ष हूँ, मैं ही पार्टी हूँ, मैं ही कार्यकर्त्ता हूँ, मैं ही सेवक हूँ, मैं ही स्वामी हूँ ... शेष सब मिथ्या है